Tuesday, June 12, 2012

वैवाहिक सुख के लिए :


 कन्या का विवाह हो जाने के बाद उसके घर से विदा होते समय एक लोटे में गंगाजल,थोड़ी सी हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर उसके आगे फेंक देंउसका वैवाहिक जीवनसुखी रहेगा।

पति पत्नी में कलेश दूर करने के लिए

   1. 
श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे.

   2. 
सोते समय पूर्व की और सिरहाना होना चाहिए.

   3. 
चींटियों को शक्कर डालना चाहिए.

   4. 
भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिख कर तथा ” हं हनुमंते नमः ” का 21बार उच्चारण करे उसे शहद में अच्छी तरह से बंद कर के घर के किसी कोने में रख दे जहाँपर किसी की दृष्टि  पढ़े द्य

    
धीरे धीरे कलहपूर्ण वातावरण दूर होगा.

  
कुछ परिवारों में सब कुछ होते हुए भी छोटी छोटी बातो में गृह कलेश होता रहता है द्यनिम्न मंत्र का जाप पति या पत्नी में से कोई करे तो किसी एक को बुधि  जायेगी औरघर में शांति का वातावरण बनेगा द्य

  
मंत्र -

   
धं धिं धुम धुर्जते द्य पत्नी वां वीं बूम वाग्धिश्वरि द्य क्रं क्रीं क्रूं कालिका देवी द्य शं षीम शूं मेंशुभम कुरु.यदि लड़की यह प्रयोग कर रही है तो पत्नी की जगह पति शब्द का उलेख़ करे.

   . 
प्रातः स्नान कर के काली या माँ दुर्गा के चित्र पर लाल पुष्प चढाये.

    
घर की कलह को समाप्त करने का उपाय

     
रोजाना सुबह जागकर अपने स्वर को देखना चाहियेनाक के बायें स्वर से जागने परफौरन बिस्तर छोड कर अपने काम में लग जाना चाहियेअगर नाक से दाहिना स्वर चलरहा है तो दाहिनी तरफ बगल के नीचे तकिया लगाकर दुबारा से सो जाना चाहियेकुछसमय में बायां स्वर चलने लगेगासही तरीके से चलने पर बिस्तर छोड देना चाहिये।


  
पति-पत्नी के बीच वैमनस्यता को दूर करने हेतु :

       . 
रात को सोते समय पत्नी पति के तकिये में सिंदूर की एक पुड़िया और पति पत्नी केतकिये में कपूर की  टिकियां रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर फेंक देंतथा कपूर को निकाल कर उस कमरे जला दें।

   
पति को वश में करने के लिए :

     1- 
यह प्रयोग शुक्ल में पक्ष करना चाहिए ! एक पान का पत्ता लें ! उस पर चंदन औरकेसर का पाऊडर मिला कर रखें ! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गास्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें ! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जोपान के पत्ते पर रखा थाका तिलक अपने माथे पर लगायें ! और फिर तिलक लगा करपति के सामने जांय ! यदि पति वहां पर  हों तो उनकी फोटो के सामने जांय ! पान कापता रोज नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा  हो ! रोज प्रयोग किए गए पान केपत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें ! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर देंशीघ्र समस्या का समाधान होगा !

    2- 
शनिवार की रात्रि में  लौंग लेकर उस पर २१ बार जिस व्यक्ति को वश में करना होउसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोगलगातार  बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है।

    3- 
अगर आपके पति किसी अन्य स्त्री पर आसक्त हैं और आप से लड़ाई-झगड़ा इत्यादिकरते हैं। तो यह प्रयोग आपके लिए बहुत कारगर हैप्रत्येक रविवार को अपने घर तथाशयनकक्ष में गूगल की धूनी दें। धूनी करने से पहले उस स्त्री का नाम लें और यह कामनाकरें कि आपके पति उसके चक्कर से शीघ्र ही छूट जाएं। श्रद्धा-विश्वास के साथ करने सेनिश्चिय ही आपको लाभ मिलेगा।

   4- 
शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर अपने पूजनस्थल पर आएं। एक थाली में केसर से स्वस्तिक बनाकर गंगाजल से धुला हुआ मोती शंखस्थापित करें और गंधअक्षत पुष्पादि से इसका पूजन करें। पूजन के समय गोघृत कादीपक जलाएं और निम्नलिखित मंत्र का 1 माला जप स्फटिक की माला पर करें।श्रद्धा-विश्वास पूर्वक 1 महीने जप करने से किसी भी व्यक्ति विशेष का मोहन-वशीकरणएवं आकर्षण होता है। जिस व्यक्ति का नामध्यान करते हुए जप किया जाए वह व्यक्तिसाधक का हर प्रकार से मंगल करता है। यह प्रयोग निश्चय ही कारगर सिद्ध होता है। 
     मंत्र :- ऊँ क्रीं वांछितं मे वशमानय स्वाहा।श्श्

    5- 
जिन स्त्रियों के पति किसी अन्य स्त्री के मोहजाल में फंस गये हों या आपस में प्रेमनहीं रखते होंलड़ाई-झगड़ा करते हों तो इस टोटके द्वारा पति को अनुकूल बनाया जासकता है।

    
गुरुवार अथवा शुक्रवार की रात्रि में १२ बजे पति की चोटी (शिखाके कुछ बाल काट लेंऔर उसे किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां आपके पति की नजर  पड़े। ऐसा करने सेआपके पति की बुद्धि का सुधार होगा और वह आपकी बात मानने लगेंगे। कुछ दिन बादइन बालों को जलाकर अपने पैरों से कुचलकर बाहर फेंक दें। मासिक धर्म के समय करनेसे अधिक कारगर सिद्ध होगा।


         
ससुराल में सुखी रहने के लिए :

    1- 
कन्या अपने हाथ से हल्दी की 7 साबुत गांठेंपीतल का एक टुकड़ा और थोड़ा-सा गुड़ससुराल की तरफ फेंकेससुराल में सुरक्षित और सुखी रहेगी।

    2- 
सवा पाव मेहंदी के तीन पैकेट (लगभग सौ ग्राम प्रति पैकेटबनाएं और तीनों पैकेटलेकर काली मंदिर या शस्त्र धारण किए हुए किसी देवी की मूर्ति वाले मंदिर में जाएं। वहांदक्षिणापत्रपुष्पफलमिठाईसिंदूर तथा वस्त्र के साथ मेहंदी के उक्त तीनों पैकेट चढ़ादें। फिर भगवती से कष्ट निवारण की प्रार्थना करें और एक फल तथा मेहंदी के दो पैकेटवापस लेकर कुछ धन के साथ किसी भिखारिन या अपने घर के आसपास सफाई करनेवाली को दें। फिर उससे मेहंदी का एक पैकेट वापस ले लें और उसे घोलकर पीड़ित महिलाके हाथों एवं पैरों में लगा दें। पीड़िता की पीड़ा मेहंदी के रंग उतरने के साथ-साथ धीरे-धीरेसमाप्त हो जाएगी।

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